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ईडी ने यूनिटेक मामले में 257 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क की

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नई दिल्ली, 23 जून (आईएएनएस)। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने यूनिटेक लिमिटेड के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गुरुग्राम, गोवा, चेन्नई और अन्य स्थानों पर स्थित 257 करोड़ रुपये की चल और अचल संपत्ति कुर्क की है।

इसके साथ ही इस मामले में अब तक कुर्क की गई विभिन्न घरेलू और विदेशी संपत्तियों का कुल मूल्य 1059.52 करोड़ रुपये है, जिसमें कार्नोस्टी ग्रुप, शिवालिक ग्रुप, ट्राइकर ग्रुप, सीआईजी रियल्टी फंड, ऑथेंटिक ग्रुप की संपत्ति और यूनिटेक ग्रुप के पूर्व प्रमोटर संजय चंद्रा और अजय चंद्रा की शेल और निजी कंपनियों की संपत्ति शामिल है।

ईडी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि कुर्क की गई संपत्तियों में आवासीय, वाणिज्यिक इकाइयां, जमीन के पार्सल, डिमांड ड्राफ्ट, इक्विटी शेयर और बैंक खाते का बैलेंस शामिल है।

संपत्तियों का स्वामित्व सीआईजी (चंद्र इन्वेस्टमेंट ग्रुप) रियल्टी फंड और ऑथेंटिक ग्रुप के पास है।

अधिकारी ने कहा, इन संपत्तियों को खरीदने के लिए, 244 करोड़ रुपये के होमबॉयर के फंड को चंद्रा द्वारा सीआईजी रियल्टी फंड में अवैध रूप से डायवर्ट किया गया था। डायवर्ट किए गए फंड का इस्तेमाल जमीन खरीदने के लिए किया गया। औरम एसेट मैनेजमेंट प्राइवेट लिमिटेड चंद्र परिवार द्वारा नियंत्रित कंपनियों में से एक थी, जिसका उपयोग सीआईजी रियल्टी फंड के मामलों का प्रबंधन करने के लिए किया गया था।

तिहाड़ जेल के कुछ अधिकारियों को रिश्वत देने और अजय चंद्रा और संजय चंद्रा के अन्य व्यक्तिगत खचरें के लिए चंद्राओं की अवैध गतिविधियों को वित्तपोषित करने के लिए गलत धन का उपयोग किया गया था।

ईडी ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद 6 जून, 2018 को यूनिटेक ग्रुप के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज किया था। ईडी का मामला यूनिटेक लिमिटेड के खिलाफ दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा की प्राथमिकी पर आधारित है।

मामले में ईडी द्वारा पता लगाए गए अपराध की कुल आय 6,452 करोड़ रुपये है।

ईडी ने जांच के दौरान संजय चंद्रा, अजय चंद्रा, रमेश चंद्र, प्रीति चंद्रा और राजेश मलिक को गिरफ्तार किया था। ये सभी फिलहाल तिहाड़ जेल में बंद हैं।

मामले में आगे की जांच जारी है।

–आईएएनएस

एचके/एएनएम


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