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राष्ट्रपति चुनाव – विपक्ष की घेरेबंदी को तोड़ने के लिए भाजपा की तैयारी- नीतीश, पटनायक और जगन मोहन रेड्डी पर खास नजर

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नई दिल्ली, 24 मई (आईएएनएस)। वर्तमान राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद का कार्यकाल जुलाई 2022 में समाप्त हो रहा है। इसे देखते हुए यह तय माना जा रहा है कि चुनाव आयोग जून में राष्ट्रपति चुनाव की तारीखों का ऐलान कर सकता है। राष्ट्रपति चुनाव में मतदान करने वाले लोकसभा एवं राज्यसभा के सांसदों और राज्यों एवं संघ शासित प्रदेशों के विधायकों की संख्या के आधार पर एनडीए गठबंधन यूपीए गठबंधन के मुकाबले काफी आगे है।

राष्ट्रपति चुनाव में मतदान करने वाले निर्वाचन मंडल में राजनीतिक गठबंधनों की बात करे तो कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूपीए गठबंधन के पास फिलहाल 23 प्रतिशत के लगभग वोट है, वहीं एनडीए गठबंधन के पास यूपीए के दोगुने से भी ज्यादा लगभग 49 प्रतिशत वोट हैं। ऐसे में यूपीए के मुकाबले में तो भाजपा को बड़ी बढ़त हासिल है लेकिन अगर विपक्ष ने संयुक्त उम्मीदवार खड़ा कर दिया तो भाजपा उम्मीदवार के लिए समस्या खड़ी हो सकती है, क्योंकि भाजपा विरोधी सभी दलों के एकजुट होने की स्थिति में उनके पास एनडीए से 2 प्रतिशत ज्यादा यानि 51 प्रतिशत के लगभग वोट हो जाते हैं।

सोमवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के साथ घंटों बैठक कर राज्यसभा चुनाव और मोदी सरकार के आठ साल के जश्न के कार्यक्रमों के साथ-साथ राष्ट्रपति चुनाव को लेकर भी सभी पहलुओं पर चर्चा की।

अपने राष्ट्रपति उम्मीदवार को जीत दिलाने और ज्यादा से ज्यादा अंतर से जीत सुनिश्चित करने के लिए भाजपा ने क्षेत्रीय क्षत्रपों को साधने की तैयारी शुरू कर दी है। भाजपा एक तरफ जहां अपने सबसे पुराने सहयोगी नीतीश कुमार को अपने साथ बनाए रखने की पुरजोर कोशिश करेगी वहीं दूसरी तरफ विभिन्न राज्यों में सरकार चला रहे क्षेत्रीय क्षत्रपों को भी साधने की कोशिश करेगी।

राष्ट्रपति चुनाव में नीतीश कुमार का समर्थन सुनिश्चित करने के लिए कुछ दिन पहले ही केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने पटना जाकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मुलाकात की थी। पार्टी ने ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक से बात करने का जिम्मा केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव और आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री जगन मोहन रेड्डी से बात करने का जिम्मा राज्यसभा सांसद जीवीएल नरसिम्हा राव को सौंपा है।

दरअसल, राष्ट्रपति चुनाव में जीत को लेकर आश्वस्त भाजपा जीत के अंतर को ज्यादा से ज्यादा बढ़ाने का भी प्रयास करेगी। ऐसे में आने वाले दिनों में भाजपा कई अन्य क्षेत्रीय क्षत्रपों को भी साधने की कोशिश करेगी और इसके लिए भी पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को जिम्मेदारी सौंपी जाएगी।

–आईएएनएस

एसटीपी/एएनएम


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