| | |

भारत, डेनमार्क संयुक्त रूप से हरित ईंधन पर अनुसंधान करेंगे

Advertisements


नई दिल्ली, 20 जनवरी ( LHK MEDIA)। भारत और डेनमार्क पहले से अपनाई गई हरित रणनीतिक साझेदारी-कार्य योजना 2020-2025 के हिस्से के रूप में हरित हाइड्रोजन सहित हरित ईंधन पर संयुक्त अनुसंधान और विकास शुरू करने पर सहमत हुए हैं, बुधवार को एक आधिकारिक बयान में यह जानकारी दी गई।

विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने एक बयान में कहा, भारत-डेनमार्क संयुक्त समिति ने दोनों देशों के विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार (एसटीआई) में राष्ट्रीय रणनीतिक प्राथमिकताओं और विकास पर चर्चा की, जिसमें हरित अनुसंधान, प्रौद्योगिकी और नवाचार में निवेश के लिए भविष्य की रणनीति पर विशेष ध्यान दिया गया। वर्चुअल बैठक 14 जनवरी को हुई थी।

समिति ने मिशन-संचालित अनुसंधान, नवाचार और प्रौद्योगिकी के विकास में द्विपक्षीय सहयोग पर जोर दिया, जिसमें जलवायु और हरित संक्रमण, ऊर्जा, पानी, अपशिष्ट, भोजन, आदि शामिल हैं, जैसा कि दोनों प्रधानमंत्रियों ने ग्रीन स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप- कार्य योजना 2020-2025 को अपनाते हुए सहमति व्यक्त की थी।

वे साझेदारी के विकास के लिए 3-4 वेबिनार आयोजित करने पर सहमत हुए और हरित हाइड्रोजन सहित हरित ईंधन में प्रस्तावों के लिए कॉल को बढ़ावा देने पर जोर दिया।

विज्ञप्ति में कहा गया है कि संयुक्त समिति ने ऊर्जा अनुसंधान, जल, साइबर-भौतिक प्रणालियों और जैव संसाधनों और माध्यमिक कृषि के क्षेत्रों में लागू की जा रही चल रही परियोजनाओं की प्रगति की भी समीक्षा की।

बैठक की सह-अध्यक्षता सलाहकार और प्रमुख, अंतर्राष्ट्रीय सहयोग, विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग, एस.के. वाष्र्णेय और डेनिश एजेंसी फॉर हायर एजुकेशन एंड साइंस के उप निदेशक, डॉ. स्टाइन जोर्गेनसन ने की।

डेनमार्क में भारत की राजदूत पूजा कपूर और नई दिल्ली में डेनमार्क की राजदूत फ्रेडी स्वेन ने भी संयुक्त समिति को संबोधित किया।

विज्ञप्ति के अनुसार, भारतीय पक्ष में विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग, जैव प्रौद्योगिकी विभाग, पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय और वैज्ञानिक और औद्योगिक अनुसंधान परिषद के प्रतिनिधियों ने विचार-विमर्श में भाग लिया।

— LHK MEDIA

एसजीके


Similar Posts

Leave a Reply

Your email address will not be published.