| |

कोविड मुआवजा : सुप्रीम कोर्ट ने आंध्र, बिहार के मुख्य सचिवों को कोर्ट के समक्ष पेश होने का दिया आदेश

Advertisements


नई दिल्ली, 19 जनवरी ( LHK MEDIA)। सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को कोविड-19 के शिकार लोगों के परिवारों को मुआवजे के भुगतान में देरी पर असंतोष व्यक्त किया और आंध्र प्रदेश और बिहार के मुख्य सचिवों को दोपहर 2 बजे व्यक्तिगत रूप से पेश करने का आदेश दिया।

न्यायमूर्ति एमआर शाह और न्यायमूर्ति संजीव खन्ना की पीठ ने कहा कि अदालत ने राज्य सरकारों को पीड़ित परिवारों को मुआवजे में देरी नहीं करने के लिए बार-बार निर्देश जारी किए हैं, फिर भी देरी हो रही है, जो दर्शाता है कि संबंधित अधिकारी इसके निर्देशों को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं।

आंध्र प्रदेश के संदर्भ में, पीठ ने कहा कि राज्य सरकार को कोविड मुआवजे के लिए 36,000 से अधिक आवेदन प्राप्त हुए, लेकिन अब तक केवल 11,000 आवेदकों को मुआवजा मिला है।

पीठ ने कहा, योग्य दावेदारों को भुगतान नहीं करना हमारे पहले के आदेश की अवज्ञा के समान होगा।

पीठ ने आंध्र प्रदेश के वकील से कहा कि वह मुख्य सचिव को दोपहर दो बजे उसके समक्ष पेश होने की सूचना दें, और कारण बताएं कि अवमानना की कार्यवाही क्यों शुरू नहीं की जानी चाहिए।

पीठ ने कहा कि वह यह मानने को तैयार नहीं है कि बिहार में सिर्फ 12,000 लोगों की मौत कोविड से हुई है।

पीठ ने कहा, हम वास्तविक तथ्य चाहते हैं। बिहार को छोड़कर अन्य सभी राज्यों में हमारे आदेश के बाद संख्या बढ़ी है।

शीर्ष अदालत ने राज्य सरकार के वकील से कहा कि वह राज्य के मुख्य सचिव को उपस्थित रहने के लिए कहें।

शीर्ष अदालत बुधवार दोपहर 2 बजे मामले की सुनवाई जारी रखेगी।

शीर्ष अदालत अधिवक्ता गौरव कुमार बंसल की एक याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जहां वह कोविड के कारण मरने वालों के परिवारों को मुआवजे के वितरण की निगरानी कर रही है। सुप्रीम कोर्ट ने पीड़ित परिवारों को 50,000 रुपये के मुआवजे को मंजूरी दी है।

— LHK MEDIA

एसकेके/आरजेएस


Similar Posts

Leave a Reply

Your email address will not be published.