बिना कमीशन फ्लिपकार्ट पर बेचे जा सकेंगे ग्रामीण उत्पाद


नई दिल्ली, 1 दिसंबर (आईएएनएस)। ग्रामीण विकास मंत्रालय और फ्लिपकार्ट इंटरनेट प्राइवेट लिमिटेड के बीच एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) किया गया है। इसके तहत कारीगरों, बुनकरों और शिल्पकारों सहित स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) के उत्पादकों को फ्लिपकार्ट समर्थन से राष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचाया जा सकेगा।

एमओयू की प्रमुख विशेषताएं ये हैं कि इसमें एसएचजी सदस्यों और समूहों (एसएचजी का भौगोलिक समूह) को ऑन-बोर्डिग उत्पादों के लिए प्रशिक्षण सहायता दी जाएगी। छह महीने की अवधि के लिए प्लेटफॉर्म पर बिक्री के लिए सभी कमीशन शुल्क की छूट रहेगी। प्रति विक्रेता अधिकतम 100 उत्पादों के लिए कैटलॉगिंग समर्थन मिलेगा।

इसके अलावा, अन्य लाभ जैसे वेयरहाउसिंग और खाता प्रबंधन आदि के लिए समर्थन मिलेगा। मंत्रालय की ओर से लोकसभा को बताया गया कि सरकारी ई-मार्केटप्लेस के सहयोग से एसएचजी उत्पादों के विपणन के लिए फ्रंट के रूप में सरस कलेक्शन बनाया है। असम, बिहार, छत्तीसगढ़, गुजरात, हिमाचल प्रदेश, झारखंड, कर्नाटक, केरल, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, ओडिशा, पंजाब, राजस्थान, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल राज्यों ने जीईएम पोर्टल पर पंजीकरण में एसएचजी का समर्थन किया है।

झारखंड ने अमेजॅन और फ्लिपकार्ट पर पंजीकरण के लिए एसएचजी का समर्थन किया है जबकि केरल और महाराष्ट्र ने एसएचजी को अमेजॅन पर पंजीकरण करने के लिए समर्थन दिया है। असम, बिहार, केरल और मध्य प्रदेश के चार राज्यों ने स्वयं सहायता समूहों का समर्थन करने के लिए ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म विकसित किए हैं।

मंत्रालय ने बताया कि ग्रामीण उत्पादों में भारत और विदेशों में जनता के बीच स्वीकार्यता की अपार संभावनाएं हैं। ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म इसका उपयोग करने के लिए एक प्रभावी उपकरण साबित होगा। यह समझौता ज्ञापन ग्रामीण महिलाओं को फ्लिपकार्ट के ग्राहकों को अपने उत्पाद बेचने में सक्षम बनाएगा।

यह समझौता ज्ञापन फ्लिपकार्ट समर्थ कार्यक्रम का एक हिस्सा है और इसका उद्देश्य शिल्पकारों, बुनकरों और कारीगरों के कुशल समुदायों को फ्लिपकार्ट मार्केटप्लेस के माध्यम से राष्ट्रीय बाजार पहुंच के साथ-साथ ज्ञान और प्रशिक्षण के लिए समर्पित समर्थन प्रदान करना है।

फ्लिपकार्ट ऑनबोर्डिग, कैटलॉगिंग, मार्केटिंग, अकाउंट मैनेजमेंट, बिजनेस इनसाइट्स और वेयरहाउसिंग के साथ समयबद्ध ऊष्मायन और समर्थन प्रदान करके स्थानीय समुदायों के लिए बाजार में प्रवेश की बाधाओं को तोड़ने का प्रयास करता है।

–आईएएनएस

जीसीबी/एसजीके

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