टीकाकरण अभियान में भाजपा शासित राज्य आगे


नई दिल्ली, 29 नवंबर (आईएएनएस)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) द्वारा शासित राज्यों ने अपने लोगों को टीका लगाने के मामले में कांग्रेस और उसके सहयोगियों द्वारा शासित राज्यों की तुलना में बेहतर प्रदर्शन किया है।

सरकारी आंकड़ों से पता चलता है कि कांग्रेस या उसके सहयोगी दलों द्वारा शासित कोई भी राज्य अपनी 90 प्रतिशत से अधिक आबादी को पहली खुराक नहीं दे पाया है। ये राज्य दूसरी खुराक 50 प्रतिशत से अधिक योग्य वयस्क आबादी को देने में सक्षम नहीं हो पाए हैं।

इसके ठीक विपरीत, सरकारी आंकड़ों से पता चलता है कि सात भाजपा शासित राज्यों ने पहली खुराक का 90 प्रतिशत से अधिक कवरेज हासिल किया है और आठ राज्यों ने दूसरी खुराक के 50 प्रतिशत कवरेज को छुआ है।

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, झारखंड ने अपनी पहली खुराक 66.2 प्रतिशत वयस्क आबादी को और दूसरी खुराक लगभग 30.8 प्रतिशत लोगों को दी है।

आंकड़ों से पता चला है कि पंजाब, तमिलनाडु, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, राजस्थान और पश्चिम बंगाल में पहली और दूसरी खुराक कवरेज क्रमश: 72.5 प्रतिशत और 32.8 प्रतिशत, 78.1 प्रतिशत और 42.65 प्रतिशत, 80.11 प्रतिशत और 42.5 प्रतिशत, 83.2 प्रतिशत और 47.2 प्रतिशत, 84.2 प्रतिशत और 46.9 प्रतिशत, 86.6 प्रतिशत और 39.4 प्रतिशत दी है।

आंकड़ों से आगे पता चला कि भाजपा शासित हिमाचल प्रदेश, गोवा, गुजरात, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश, कर्नाटक, हरियाणा, असम और त्रिपुरा में पहली और दूसरी खुराक का कवरेज क्रमश: 100 प्रतिशत और 91.9 प्रतिशत, 100 प्रतिशत और 87.9 प्रतिशत, 93.5 प्रतिशत और 70.3 प्रतिशत, 93 प्रतिशत और 61.7 प्रतिशत, 92.8 प्रतिशत और 62.9 प्रतिशत, 90.9 प्रतिशत और 59.1 प्रतिशत, 90.04 प्रतिशत और 48.3 प्रतिशत, 88.9 प्रतिशत और 50 प्रतिशत, 80.5 प्रतिशत और 63.5 प्रतिशत दर्ज किया गया है।

भाजपा के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि आंकड़े स्पष्ट रूप से खतरनाक वायरस के खिलाफ लोगों का टीकाकरण करने में कांग्रेस और उसके सहयोगियों के खराब प्रदर्शन को दिखा रहे हैं।

उन्होंने कहा, वे सिर्फ सुर्खियां बटोरने के लिए शोर कर रहे हैं। बेहतर होता कि वे अपनी ऊर्जा और संसाधनों का इस्तेमाल लोगों को कोविड-19 के खिलाफ अपने जीवन को बचाने के लिए टीकाकरण करने में करते।

भाजपा के एक अन्य वरिष्ठ नेता ने कहा कि कांग्रेस और उसके सहयोगियों को बूस्टर खुराक पर जोर देने के बजाय लोगों को वैक्सीन की पहली और दूसरी खुराक पिलाने पर ध्यान देना चाहिए।

–आईएएनएस

एकेके/एएनएम

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