कोर्ट की अवमानना के मामले में विजय माल्या की सजा पर सुनवाई शुरू करेगा सुप्रीम कोर्ट


नई दिल्ली, 30 नवंबर (आईएएनएस)। विजय माल्या से जुड़े मामले के एक बड़े घटनाक्रम में सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को कहा कि वह अदालत की अवमानना के मामले में उसे सजा सुनाए जाने पर सुनवाई शुरू करेगा, जिसमें उसे जुलाई 2017 में दोषी ठहराया गया था।

न्यायमूर्ति यू.यू. ललित ने दोपहर 2 बजे माल्या की सजा पर तत्काल सुनवाई तय की है। पीठ ने केंद्र के वकील से कहा कि वह सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता को विदेश मंत्रालय के लिखित निर्देश के साथ अदालत में उपस्थित होने की सूचना दें।

माल्या की सजा पर सुनवाई शुरू करने के शीर्ष अदालत के फैसले के बाद, ब्रिटेन से उसके प्रत्यर्पण में देरी से शीर्ष अदालत को सजा सुनाने में बाधा नहीं बनेगी। शीर्ष अदालत ने कहा कि माल्या के वकील हर सुनवाई के दौरान उसके सामने पेश होते रहे हैं, वह दोपहर 2 बजे मंगलवार को सजा पर दलीलें सुनेगा।

14 जुलाई, 2017 को दिए गए एक फैसले के अनुसार, माल्या को बार-बार निर्देशों के बावजूद बैंकों को 9,000 करोड़ रुपये का बकाया भुगतान नहीं करने के लिए अवमानना का दोषी पाया गया था। इसके अतिरिक्त, उन पर अपनी संपत्ति का खुलासा नहीं करने का भी आरोप लगाया गया था।

पिछले साल 6 अक्टूबर को, गृह मंत्रालय (एमएचए) ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि यूके के गृह कार्यालय ने सूचित किया है, एक और कानूनी मुद्दा है जिसे विजय माल्या के प्रत्यर्पण से पहले हल करने की आवश्यकता है और यह मुद्दा बाहर है। हलफनामे में कहा गया था कि प्रत्यर्पण के खिलाफ अपील हारने के बाद विजय माल्या का भारत के सामने आत्मसमर्पण, सैद्धांतिक रूप से 28 दिनों के भीतर पूरा हो जाना चाहिए था। हालांकि, यूके के गृह कार्यालय ने सूचित किया कि माल्या के प्रत्यर्पण से पहले और भी कानूनी मुद्दे हैं जिन्हें हल करने की आवश्यकता है।

शीर्ष अदालत ने 2 नवंबर को केंद्र से भगोड़े व्यवसायी के प्रत्यर्पण पर छह सप्ताह के भीतर स्थिति रिपोर्ट दाखिल करने को कहा था।

18 जनवरी को, केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट को सूचित किया था कि विजय माल्या के प्रत्यर्पण को उच्चतम राजनीतिक स्तर पर उठाया गया है, लेकिन यूके सरकार ने उनके प्रत्यर्पण में देरी करने वाली गोपनीय कार्यवाही का विवरण साझा करने से इनकार कर दिया है।

–आईएएनएस

आरएचए/आरजेएस

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *