अपनाएं ये स्मार्ट उपाय अगर आप पाना चाहते है अच्छी नींद

लाइव हिंदी खबर (हेल्थ कार्नर ) :-  सेहत के लिए जितना जरूरी पौष्टिक आहार और व्यायाम है, उतनी जरूरी अच्छी नींद लेना भी है। पर्याप्त और अच्छी नींद में कमी हाई ब्लडप्रेशर, चिड़चिड़ापन, सिरदर्द, मोटापा व अन्य बीमारियों को न्योता देता है।

यदि आप भी आरामदायक नींद से हैं परेशान? तो अपनाएं यह उपाय….. !

इसके अलावा नींद पूरी न होने पर पूरे दिन थकावट और सुस्ती महसूस होती है, जिसका प्रभाव सीधा आपकी कार्य क्षमता और एकाग्रता पर पड़ता है। दरअसल कम सोने से मस्तिष्क के हाइपोथेलेमस में सक्रिय न्यूरॉन्स के एक समूह की कार्यशैली गड़बड़ हो जाती है। यहीं पर ओरेक्सिन नामक हॉर्मोन भी सक्रिय रहता है, जो खानपान संबंधी व्यवहार को नियंत्रित करता है। कम सोने से आपके कार्य की गुणवत्ता में कमी आ सकती है और सोचने क्षमता भी प्रभावित होने लगती है।

अच्छी नींद नहीं तो यह होंगे साइड इफेक्ट्स
भूख को नियंत्रण करने वाले हॉर्मोन पर प्रभाव। अच्छी नींद नहीं लेने पर भूख ज्यादा लगती है और कैलोरी ज्यादा लेते हैं।
मस्तिष्क की कार्यविधि पर भी विपरीत प्रभाव पड़ता है। याद्दाश्त कमजोर होना और समस्याओं का समाधान करने की क्षमता भी कम होती है। मोटापा और वजन बढऩा।
रोजाना रात में 7 से 8 घंटे से कम नींद लेने वालों में स्ट्रोक व दिल की बीमारियों की आशंका ज्यादा रहती है।
कई स्टडीज में कम सोने वालों और टाइप 2 डायबिटीज की आशंका में गहरा संबंध पाया गया है। भरपूर नींद की कमी डिप्रेशन का भी कारण है।

यह हैं मुख्य कारण
आधुनिक सुख-सुविधाओं के कारण शारीरिक गतिविधियों का कम होना, खानपान पर ध्यान न देना, बंद कमरों में सारे दिन बैठे रहना, तनावग्रस्त रहना जैसे कई कारण हैं जो अच्छी नींद में बाधक होते हैं। इसके अलावा गठिया, डायबिटीज, महिलाओं में मेनोपॉज के समय हॉर्मोन में बदलाव की प्रक्रिया, पुरुषों में प्रोस्टेट ग्रंथि का बढऩा आदि कई बीमारियां भी नींद की कमी के लिए जिम्मेदार हैं। दुनिया भर में हुए शोध कहते हैं कि अच्छी नींद नहीं आना ही अपने आप में सबसे बड़ी बीमारी है। इस बीमारी को बस में करना केवल स्वयं के ही हाथ में है।

गहरी नींद लाने में मदद करेंगे यह टूल्स
थ्रोट स्प्रे
पीठ पर लेटने पर खर्राटा लेने वालों के लिए यह लाभकारी है। यह स्प्रे गले के पिछले हिस्से पर पूरी रात एक स्तर बनाए रखता है जो सॉफ्ट टिश्यू के वाइब्रेशन को कम कर देता है जो खर्राटे का मुख्य कारण होता है। यह स्प्रे मिंट यानी पुदीने के फ्लेवर में है।

हर्बल पिलो
ऑर्गेनिक फ्लैक्स सीड्स और खुशबूदार हब्र्स जैसे युकेलिप्टस, लेमनग्रास, रोजमेरी, लेवेंडर, लेमनबाम आदि इन हर्बल तकियों में होते हैं। यह हल्की गर्माहट के साथ अच्छी खुशबू भी देते हैं जो नव्र्स को रिलैक्स करती हैं।

स्लीप मास्क
हल्की रोशनी में भी जिन्हें नींद नहीं आती है उनके लिए यह मास्क फायदेमंद हो सकते हैं। ज्यादा टै्रवल करने वाले लोग इस मास्क का इस्तेमाल करते हैं। इन्हें आंखों पर लगाने पर अंधेरा छा जाता है और आंखों को भी सुकून मिलता है।

एंटी स्नोरिंग
जीभ को स्थिर रखने से लेकर नाक के मार्ग को साफ रखने जैसे कई एंटी स्नोरिंगटूल्स हैं जो खर्राटे को रोकते हैं। ऐसे में एंटी स्नोरिंग टूल्स या सही तरीके से सांस लेने के लिए उपलब्ध नेजल स्टिप्स खर्राटों की समस्या से निजात दिलाते हैं।

आवाज कम करने वाले उत्पाद
शहरों में विभिन्न तरह की आवाजें भी नींद में बाधक होती हैं। नींद से जुड़ी समस्याओं से छुटकारा के लिए आवाज कम करने वाले टूल्स का भी इस्तेमाल किया जा सकता है। इसमें हैडफोन जैसे ईयरप्लग्स होते हैं जिनसे किसी भी तरह की आवाज कान में नहीं जाती है।

गुनगुने पानी से नहाएं
अच्छी नींद के लिए सोने से पहले नहाएं। गुनगुने पानी से नहाने पर हमारी मांसपेशियों को आराम मिलता है। साथ ही हमारे शरीर का तापमान भी कम हो जाता है जिससे गहरी और अच्छी नींद आती है। इसके अलावा ढीले-ढाले कपड़े पहनें।

Sleeping tips : Keep yourself rejuvenated Whole Day - नींद नहीं हो रही है पूरी तो अपनाएं ये तरीके, दिनभर रहेंगे तरोताजा | Navbharat Times - Navbharat Timesडिनर हल्का लें
खानपान का प्रभाव भी नींद पर पड़ता है। रात को हल्का भोजन ही लें और सोने से दो घंटे पहले खाएं। इससे खाना अच्छी तरह पचता है और हल्का खाना खाने से गैस, एसिडिटी या पेट में जलन जैसी शिकायत भी नहीं रहती है। सोने से पहले गुनगुना दूध का सेवन करें।

नियमित एक्सरसाइज करें
व्यायाम या योग का प्रभाव शारीरिक और मानसिक दोनों ही स्तर पर पड़ता है। दरअसल दिनभर बैठकर काम करने से शरीर का निचला हिस्सा सुस्त अवस्था में पड़ जाता है जिससे सोते समय पीठ या कमर दर्द की शिकायत रहती है जो अच्छी नींद में बाधक बनती है। ऐसे में व्यायाम करने से इससे निजात मिल सकती है।

कुछ पढ़ें
नींद न आने पर मोबाइल, टीवी आदि से दूरी बनाएं और किताब पढऩे की आदत डालें। कमरे में हल्की रोशनी रखें।

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