भारत के पूर्व फुटबॉलर गौरामंगी से प्रेरित हैं रमेश

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रमेश ने कहा, गौरामंगी ने अपने करियर में जो हासिल किया है उससे क्लब के हर खिलाड़ी के लिए वह प्रेरणास्रोत्र हैं। वह हर खिलाड़ी की स्थिति का अच्छे से विशलेषण करते हैं जिससे टीम को मदद मिलती है।

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उन्होंने कहा, इसके अलावा, वह एक बहुत ही स्वीकार्य व्यक्ति हैं और गौरामंगी प्रत्येक खिलाड़ी में, विशेष रूप से टीम की रक्षात्मक इकाई में बहुत रुचि लेते हैं। यह उनकी सबसे बड़ी विशेषज्ञता है।

गौरामंगी ने भारत के लिए 71 मुकाबले खेले और फिलहाल वह आई लीग सेकेंड डिविजन की टीम बेंगलुरु यूनाइटेज के कोच हैं।

रमेश भी पूर्व फुटबॉल खिलाड़ी के पदचिन्हों पर चल रहे हैं और क्लब के गोलकीपर होने के साथ ही वह बेंगलुरु यूनाइटेड अकादमी में बच्चों को कोचिंग देते हैं।

रमेश ने कहा, मैंने अकादमी में अंडर-8 और अंडर-12 आयु वर्ग के हर युवा खिलाड़ी के साथ काम किया है। जब मैं इनके साथ काम करता हूं तो मेरा प्राथमिक ध्यान रहता है कि ये खेल से प्यार करें। इस उम्र में इन बच्चों में प्रतिभा को विकसित करने से ज्यादा जरूरी है कि कोच यह सुनिश्ििचत करें कि ये फुटबॉल का आनंद लें।

उन्होंने कहा, इस तरह ये कई वर्षो तक खेल सकते हैं। हालांकि अकादमी में ट्रेनिंग का स्ट्रकचर काफी अलग है और फर्स्ट टीम कोचिंग के लिए ²ष्टिकोण एक ऐसा पहलू है जिसमें मैं गौरामंगी से सीख सकता हूं।

–आईएएनएस

एसकेबी/आरजेएस

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