दुनियाभर की आधुनिक फिल्म तकनीक से युक्त होगी यूपी की फिल्म सिटी

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लखनऊ, 24 जून (आईएएनएस)। हॉलीवुड की तर्ज पर नोएडा में बनायी जाने वाली इंटरनेशनल फिल्म सिटी के निर्माण की तैयारियों ने तेजी पकड़ ली है। सब कुछ योजना के अनुसार हुआ तो इस वर्ष के अंत यानी दिसंबर में नोएडा के यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में इंटरनेशनल फिल्म सिटी के निर्माण का शुरू हो जाएगा। एक हजार एकड़ भूमि पर बनाई जाने वाली इंटरनेशनल फिल्म सिटी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का ड्रीम प्रोजेक्ट है। यहीं वजह से अब यह चर्चा है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ नोएडा जा अपने इस ड्रीम प्रोजेक्ट के निर्माण कार्य की शुरूआत करेंगे। इस परियोजना के निर्माण का कार्य शुरू करने को लेकर यमुना औद्योगिक विकास प्राधिकरण द्वारा सरकार को सौंप गई डीपीआर के बाद से यह कहा जा रहा है। अब जल्दी ही तय होगा कि इस विश्वस्तरीय परियोजना के निर्माण का कार्य दिसंबर में कब से शुरू किया जाए। इस बारे में जल्दी ही सरकार अपना फैसला लेगी।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बीते साल दिसंबर में एक विश्वस्तरीय फिल्म सिटी का निर्माण राज्य में करने का फैसला किया था। जिसके तहत नोएडा में यमुना प्राधिकरण के सेक्टर 21 में 1,000 एकड़ भूमि इंटरनेशनल फिल्म सिटी के लिए चिन्हित की गई है। करीब पांच हजार करोड़ रुपए का निवेश आने की संभावना इस फिल्म सिटी के निर्माण से जताई जा रही है। नोएडा में बनायी जाने वाली इस फिल्म सिटी में विश्वस्तरीय आधुनिक तकनीकों को शामिल किया जाना है।

राज्य सरकार से मिली जानकारी के अनुसार इस फिल्म सिटी का एक बड़ा हिस्सा डिजिटल टेक्नोलॉजी से जुड़ा होगा। फिल्मों में डिजिटल माध्यमों के बढ़ते चलन के कारण नोएडा में बनायी जाने वाली इस फिल्म सिटी को इन्फोटेनमेंट सिटी कहा जाएगा। राज्य की इस पहली फिल्म सिटी में सीरियल व फिल्मों की शूटिंग के विशेष स्टूडियो, एनिमेशन, वेब सीरीज, कार्टून फिल्म, डॉक्यूमेंट्री, डिजिटल मीडिया आदि के लिए सभी जरूरी सुविधाएं दी जाएंगी। फिल्म प्रोडक्शन स्टूडियो, आउटडोर लोकेशन, स्पेशल इफेक्ट स्टूडियो, होटल, क्लब हाउस, गांव, वर्कशॉप, टूरिस्ट ऐंड एंटरटेनमेंट, शॉपिंग कांप्लेक्स, फूड कोर्ट, एम्यूजमेंट पार्क, कन्वेंशन सेंटर व पार्किं ग भी फिल्म सिटी में बनेंगे। फिल्म सिटी के निर्माण को लेकर डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने के लिए सरकार ने एक विख्यात सलाहकार एजेंसी के रूप में चयन किया है।

इस एजेंसी ने दुनिया की विख्यात फिल्म सिटी का सर्वे कर और बड़े फिल्मकारों के प्रस्ताव तथा प्रदेश सरकार की फिल्म नीति को ध्यान में रखते हुए नोएडा में बनायी जाने वाली फिल्म सिटी के निर्माण संबंधी डीपीआर तैयार कर प्राधिकरण को बीते माह दे दी है। जिसका अध्ययन करने के बाद प्राधिकरण ने सलाहकार कंपनी से मिली डीपीआर बीते दिनों सरकार को सौंपी है। इस डीपीआर में इस बात का उल्लेख किया किया गया है कि किस वित्तीय माडल पर फिल्म सिटी को बनाया जाए। इसके लिए फंड की व्यवस्था का फामूर्ला क्या होगा फिल्म सिटी के प्रथम चरण, दूसरे चरण व तीसरे के निर्माण पर आने वाले खर्च का फाइनल ब्यौरा व निर्माण समय सीमा का विस्तृत ब्यौरा भी इस डीपीआर में किया गया। साथ ही और इसके संचालन, रखरखाव व फिल्म सिटी से आमदनी व रोजगार का हिसाब भी डीपीआर में बताया गया है। फिल्म सिटी को पर्यटन स्थल की रूप में भी विकसित किया जाएगा। नोएडा में बनायी जाने वाले फिल्म सिटी को प्रदेश सरकार तथा निजी डेवलपर मिल कर यानी पीपीपी मॉडल पर बनाएंगे। यमुना औद्योगिक विकास प्राधिकरण के अधिकारियों के अनुसार फिल्म सिटी के निर्माण को लेकर मिली डीपीआर का अध्ययन कर शासन तय करेगा कि परियोजना को किस रूप में आगे बढ़ाया जाएगा।

नोएडा की फिल्म सिटी में कदम -कदम पर दिखेगा डिजिटल टेक्नोलॉजी का जलवा। यहां थ्री डी स्टूडियो होंगे। 360 डिग्री पर घूमने वाले सेट होंगे। साउंड रिकॉडिर्ंग, एडिटिंग व एनिमेशन स्टूडियो भी होंगे।

फिल्म सिटी में एक फिल्म विश्वविद्यालय भी बनेगा जहां स्टूडेंट फिल्म निर्माण की आधुनिक तकनीकों की शिक्षा पा सकेंगे। यहां पर फिल्मों से जुड़े विषयों पर शोध भी होगा। विज्ञापन फिल्मों को बनाने की तकनीक का बतायी जाएगी।

फिल्म सिटी में फिल्म टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए विशेष स्टूडियो बनाए जाएंगे। फिल्म शूटिंग के लिए बनाए जाने वाले इन्फ्रास्ट्रक्च र को इस तरह से बनाया जाएगा, ताकि लोग इसे देखने आ सकें। यहां पर कॉमन फैसिलिटी सेंटर भी बनेगा जहां फिल्म से जुड़ी हुई सारी सुविधाएं मिलेंगी। फिल्म से जुड़े लोग एक छत के नीचे जरूरत की सभी सुविधाएं पा सकेंगे।

–आईएएनएस

विकेटी/एएनएम