सामान्य मौतों को कोविड से जोड़कर विपक्ष ने की घटिया राजनीति : सिद्धार्थनाथ सिंह

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बुधवार को जारी बयान में सिद्धार्थनाथ सिंह ने कहा कि प्रदेश में कोरोना से हुई मौतों के आंकड़ों में हेराफेरी कर कुछ असामाजिक तत्व सरकार को बदनाम करने की कोशिश में लग गए हैं। आरटीआई से मिली जानकारी के बाद तथ्यों और आंकड़ों को तोड़ मरोड़ कर पेश किया गया। विपक्ष के आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि बौखलाया विपक्ष उत्तर प्रदेश की जनता के बीच सिर्फ भ्रम की स्थिती पैदा करने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने कहा कि विभाग की ओर से जारी आकड़े बताते हैं कि सोशल मीडिया पर आंकड़ों का हेरफेर कर यूपी सरकार को बदनाम करने की कोशिश की जा रही है।

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दरअसल एक तथाकथित एक्टिविस्ट ने आरटीआई में सरकार से पूछा कि जुलाई 2019-मार्च 2020 और जुलाई 2020 से मार्च 2021 तक उत्तर प्रदेश में कुल कितनी मौतें हुई हैं। जिसके बाद सोशल मीडिया पर इन आंकड़ों को कोरोना से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के अनुसार जनवरी 2021 में कुल 103000, फरवरी 2021 में 99100, मार्च 2021 में 70797 मौतें हुई हैं।

वहीं अप्रैल 2021 में 61986 मौतें हुई हैं। गौर करने वाली बात है कि जिन आंकड़ों को कोविड के साथ जोड़ा जा रहा है वो गलत हैं। क्योंकि कोरोना की पहली लहर मार्च 2020 से अगस्त 2020 तक ही थी, वहीं दूसरी लहर की बात की जाए तो अप्रैल 2021 से कोविड के मामले बढ़ते दिखाई दे रहे हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि जिन लोगों ने आंकड़ों में हेराफेरी की है, उन्हें अप्रैल का आंकड़ा भी उजागर करना चाहिए था।

विभाग की तरफ से जारी आंकड़े बताते हैं कि जनवरी, फरवरी और मार्च 2021 में मौतें ज्यादा हुईं, लेकिन वो कोरोना से नहीं, क्योंकि कोविड की दूसरी लहर अप्रैल 2021 में आनी शुरू हुई थी।

–आईएएनएस

विकेटी/एएनएम

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