भाकपा (माले) चलाएगी स्वस्थ बिहार-हमारा अधिकार अभियान, 1 जुलाई से होगी शुरुआत

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पटना, 23 जून (आईएएनएस)। भाकपा (माले) के महासचिव दीपंकर भट्टाचार्य ने कहा कि अगर स्वास्थ्य व्यवस्था ठीक होती तो कोरोना काल में बिहार में कई लोगों की जान बचाई जा सकती थी। उन्होंने कहा कि भाकपा-माले बिहार की जर्जर और बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था को बदलने के लिए स्वस्थ बिहार-हमारा अधिकार अभियान चलाएगी।

पटना में बुधवार को एक संवाददाता सम्मेलन में इस अभियान की घोषणा करते हुए भट्टाचार्य ने कहा कि 1 जुलाई से स्वस्थ बिहार-हमारा अधिकार अभियान की शुरूआत होगी। वर्चुअल रूप से उस दिन एक व्यापक जनसम्मेलन का आयोजन किया जाएगा।

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उन्होंने दावा करते हुए कहा कि कोविड वैक्सीनेशन मामले में बिहार सरकार द्वारा 6 महीने में 6 करोड़ लोगों को टीका उपलब्ध कराने की घोषणा कोविड की तीसरी लहर को नहीं रोक सकती। उन्होंने सरकार को नसीहत देते हुए कहा कि सरकार को तीन महीने के भीतर सबके टीका की व्यवस्था की गारंटी करनी होगी।

उन्होंने कहा कि देश के बुद्घिजीवियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं के अपील पर कोविड-19 और अन्य सन्दर्भो में मारे गए लोगों का शोक मनाने का एक बड़ा अभियान चल रहा है। उन्होंने कहा कि हम हर एक मौत पर सवाल पूछेंगे और सरकार से हिसाब लेंगे।

भाकपा (माले) के नेता ने कहा, गांव-गांव मारे गए लोगों के परिजनों से बातचीत और उनका दुख जानने का प्रयास किया जा रहा है। 27 जून को पूरे राज्य में एक बार फिर से अपनों की याद कार्यक्रम को गांव-गांव संगठित किया जाएगा। इसमें कोविड काल में मारे गए लोगों को श्रद्घांजलि दी जाएगी।

उन्होंने कहा कि कोविड काल में हुई मौतों की सूची बनाने का कार्य जारी है, अभी तक कुछ जिलों से जांच की एक प्राथमिक रिपोर्ट भी मिली है। भोजपुर, पटना, अरवल, जहानाबाद, सिवान, बक्सर और दरभंगा से आई प्राथमिक जांच रिपोर्ट सरकार के झूठ का पर्दाफाश करती है। उन्होंने कहा कि राज्य में एक लाख लोगों की कोरोना काल में मौत हुई है।

उन्होंने घोषणा करते हुए कहा कि 30 जून को पेट्रोल, डीजल और अन्य खाद्य पदाथोर्ं के दाम में बेतहाशा मूल्य वृद्घि के खिलाफ वाम दलों के आह्वन पर जिलास्तर पर आंदोलन किया जाएगा।

किसान संगठनों के आह्वान पर 26 जून को खेती बचाओ-लोकतंत्र बचाओ दिवस के रूप में मनाने के निर्णय का हमारी पार्टी समर्थन करती है।

–आईएएनएस

एमएनपी/एएनएम

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