छठे दिन साउथम्पटन की पिच पर बल्लेबाजी करना आसान हो सकता है (विश्लेषण)

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पांचवें दिन मौसम लगभग साफ रहा और दिन का खेल हुआ। छठा दिन रिजर्व रखा गया है और अंतिम दिन अगर मौसम इसी तरह साफ रहा था तो यहां बल्लेबाजी करना आसान होगा। लेकिन ऐसे में भारत को मजबूत लक्ष्य देना होगा क्योंकि इसी विकेट पर न्यूजीलैंड को जल्द समेटना उसके लिए आसान नहीं होगा।

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यहां की सतह नाटकीय ढंग से टर्न में बदल रही है जबकि तेज गेंदबाजों के लिए इसमें बहुत कुछ नहीं होगा। भारत निस्संदेह अपनी बल्लेबाजी में कुछ करने की मारक क्षमता रखता है। साथ ही इस तरह के खिताबी मुकाबले में लापरवाह होना मूर्खता होगी।

अगर भारतीय टीम की दूसरी पारी जल्द ढेर हो जाती है तो इससे न्यूजीलैंड के लिए दरवाजे खुलेंगे। अगर कीवी टीम को 200 से कम का स्कोर मिलता है तो न्यूजीलैंड की दावेदारी मजबूत होगी। भारत अगर अपने वाइटल विकेट जल्द गंवाता है को उसे परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

न्यूजीलैंड के सुबह के सत्र में अच्छी रेट में रन नहीं बना पाने की अक्षमता जगजाहिर है जो उसके लिए उम्मीद के मुताबित नतीजे पाने में कठिनाई पैदा कर सकती है। भारतीय गेंदबाजी आक्रमण सटीक है लेकिन अजेय नहीं है। बाउंड्री की सोचना कठिन था लेकिन सिंगल दो रन बनाने आसान है जिसका लाभ नहीं उठाया गया तो मुश्किल होगी।

कीवी टीम ने 24 ओवर में 34 रन बनाए और कप्तान केन विलियम्सन जो उनकी बल्लेबाजी लाइनअप के मुख्य खिलाड़ी हैं उन्होंने 75 गेंदों पर सात रन बनाए थे। इस दौरान टीम ने तीन विकेट भी गंवाए थे।

रॉस टेलर प्रदर्शन करने में नाकाम रहे और शुभमन गिल ने बेहतरीन लो कैच लपका। हेनरी निकोल्स भी इशांत की इनस्विंगर नहीं समझ सके। मोहम्मद शमी ने सुबह के सत्र में बीजे वाटलिंग को बोल्ड कर पवेलियन भेजा।

शमी ने इसके बाद कॉलिन डी ग्रैंडहोम को पगबाधा कर आउट किया। शमी ने फिर काइल जैमिसन को आउट किया। यह दोनों कीवी खिलाड़ी डिफेंड करने की तकनीक नहीं समझ सके और विकेट टेकिंग गेंद पर अपना विकेट गंवा बैठे।

विलियम्सन ने लंच के बाद पारी को संभाला लेकिन अंपायर कॉल ने उन्हें बचाया जब शमी की गेंद पर पगबाधा की अपील की गई। विलियम्सन अच्छी पारी खेल रहे थे लेकिन इशांत ने सेकेंड स्लिप में विराट कोहली के हाथों कैच कराकर विलियम्सन की पारी का अंत किया।

हालांकि, न्यूजीलैंड ने पहली पारी में मामूली बढ़त ली, जिसमें टिम साउदी के 30 रनों का योगदान अहम रहा। यह भी एक तथ्य है कि भारत को नए विकेट पर पहले बल्लेबाजी करने की चुनौती का सामना करना पड़ा जहां बारिश का मौसम था। इसके विपरीत कीवी टीम ने ज्यादातर साफ मौसम में खेलने का आनंद लिया।

(सीनियर क्रिकेट लेखक आशीष रे एक ब्रॉडकास्टर हैं और क्रिकेट वल्र्ड कप : द इंडियन चैलेंज किताब के लेखक हैं)

–आईएएनएस

एसकेबी/एसजीके

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