समय के साथ नए आयाम स्थापित कर रहा दूरसंचार क्षेत्र, आने वाले वर्षों में राजस्व में होगी बढ़ोतरी

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नई दिल्ली, 17 मई (आईएएनएस)। हर साल 17 मई को विश्व दूरसंचार दिवस मनाया जाता है और यह कहना गलत नहीं होगा कि दूरसंचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी एक ऐसा स्तंभ रहा है, जिस पर दुनिया कोविड महामारी से उबरने में सक्षम रही है।

पिछले कुछ वर्षों में, दूरसंचार स्पष्ट रूप से लोगों से लोगों को संपर्क प्रदान करने के अलावा और अधिक सार्थक योगदान देने के लिए आगे बढ़ा है।

सार्वजनिक स्वास्थ्य कंपनियां आज सरकार और स्वास्थ्य एजेंसियों को वायरस के प्रसार का प्रबंधन और निगरानी करने में मदद करने के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), मशीन लनिर्ंग, भौगोलिक सूचना प्रणाली जैसी उभरती हुई तकनीकों का लाभ उठा रही हैं।

प्रौद्योगिकी और लोगों से संबंधित मुद्दों पर कंपनियों के लिए एक सलाहकार फर्म अनअर्थ इन्साइट्स के संस्थापक और सीईओ गौरव वासु ने एक बयान में कहा, महामारी में दूरसंचार उद्योग का योगदान काफी महत्वपूर्ण रहा है, जहां दूरसंचार ऑपरेटर ने वास्तविक समय में वैक्सीन आपूर्ति श्रृंखलाओं की डिजिटल ट्रैकिंग के लिए टीकाकरण कंपनियों के लिए आईओटी और सेंसर-आधारित ट्रैकिंग तकनीक बनाई है। कंपनियों ने नागरिकों को दवाओं, ऑक्सीजन, प्लाज्मा आदि की सत्यापित आपूर्ति से भी जोड़ा है और साथ ही टीकाकरण स्लॉट की बुकिंग की भी अनुमति प्रदान की है।

विशेषज्ञों का मानना है कि अग्रणी दूरसंचार कंपनियों के प्रयासों ने न केवल सरकार और नागरिकों को कोविड के समय में मदद की है, बल्कि उन्हें भविष्य के लिए सामग्री, एआई/आईओटी उपकरणों और उद्यम समाधानों के निर्माण की संभावना का परीक्षण करने में भी मदद की है, जिसके अगले 5 वर्षों में सामग्री, उद्यम समाधान और एआई/आईओटी उपकरणों में कनेक्टिविटी से परे पूल से 15 प्रतिशत से 25 प्रतिशत राजस्व उत्पन्न करने की उम्मीद है।

महामारी के दौरान समाज के लिए पारिस्थितिकी तंत्र को सक्षम करते हुए, दूरसंचार कंपनियों ने भविष्य के लिए क्षमताओं को बढ़ावा देने के लिए अपने संचालन में भी निवेश किया है।

नोकिया इंडिया के मार्केटिंग और कॉर्पोरेट मामलों के प्रमुख अमित मारवाह ने एक बयान में कहा, जिस तरह से व्यवसाय आईओटी, ऑटोमेशन, एआई/एमएल और क्लाउड जैसी तकनीकों द्वारा संचालित वर्टिकल में डिजिटल तकनीक को अपना रहे हैं, उसमें एक आदर्श बदलाव आया है। हमने नोकिया के चेन्नई संयंत्र में निजी एलटीई लागू किया है, जिससे श्रम समय कम हुआ और दक्षता में 86 प्रतिशत का सुधार होने के साथ ही 31 हजार मानव-घंटों की बचत हुई है।

कई बड़े उद्यम आज उद्योग 4.0 का लाभ उठाना चाहते हैं, क्योंकि यह उन्हें प्रतिस्पर्धात्मक लाभ देता है और अधिक चुनौतीपूर्ण उपयोग के मामलों से निपटने के लिए 5जी में विकसित होने का एक आसान रास्ता प्रदान करता है।

हाल ही में घोषित 5जी परीक्षणों के साथ, भारत जल्द ही 5जी मानचित्र पर होगा। यह दूरसंचार के लिए सिर्फ कनेक्टिविटी से आगे बढ़ने और अधिक कुशल होने के साथ ही समाज में एक बड़ी और सार्थक भूमिका निभाने की दिशा में एक और छलांग होगी।

5जी को अधिक रणनीतिक रूप से रखे गए टॉवर के बुनियादी ढांचे की आवश्यकता होती है।

एसरी इंडिया के प्रबंध निदेशक अगेंद्र कुमार का कहना है कि जैसे ही हम 5जी और एफटीटीएक्स सेवाओं की अगली पीढ़ी के लिए तैयार हो रहे हैं, व्यवसायों, समुदायों और समाज के लिए संचार नेटवर्क के मूल्य को अधिकतम करने के लिए भौगोलिक सूचना प्रणाली (जीआईएस) की भूमिका और भी अधिक महत्वपूर्ण हो जाती है।

–आईएएनएस

एकेके/एएनएम