चीन की 2020 की जनगणना से हम क्या सीख सकते हैं?

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बीजिंग, 12 मई (आईएएनएस)। चीन के राष्ट्रीय सांख्यिकी ब्यूरो द्वारा 11 मई को जारी सातवीं राष्ट्रीय जनगणना के आंकड़ों के अनुसार, चीनी मुख्यभूमि की कुल जनसंख्या वर्ष 2020 में 1.4118 अरब हो गई है। इन नतीजों में यह बात सामने आई कि चीन की आबादी कम प्रजनन और उम्र बढ़ने के दौर में है, और जनसंख्या वृद्धि लगभग थम सी गई है।

देखा जाए तो पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना की स्थापना के बाद से, पिछले सात दशकों में जनसंख्या की संख्या और संरचना, साथ ही प्रजनन, मृत्युदर और प्रवासन में महत्वपूर्ण परिवर्तन हुए हैं।

चीन ने आधी शताब्दी में उच्च प्रजनन क्षमता और उच्च मृत्युदर से कम प्रजनन क्षमता और कम मृत्युदर तक पूर्ण जनसांख्यिकीय परिवर्तनकाल का अनुभव किया है और 1960 और 1970 के दशक में उच्च विकास दर दर्ज की थी, लेकिन अब निकट भविष्य में चीन में नकारात्मक जनसंख्या वृद्धि की उम्मीद है।

फिलहाल, चीन में जनसंख्या संक्रमण की प्रक्रिया बहुत संकुचित हो गई है, जो सामाजिक-आर्थिक विकास और प्रासंगिक नीतियों सहित संस्थागत परिवर्तनों द्वारा हुई है। सार्वजनिक स्वास्थ्य में सुधार, संक्रामक रोगों पर नियंत्रण, और शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में मातृ और बाल स्वास्थ्य देखभाल के विकास से बेहद लाभ हुआ।

इतना ही नहीं, शिशु मृत्युदर वर्ष 1949 में लगभग 200 प्रति हजार से घटकर 107 प्रति हजार हो गई और आगे 1975 में 48 प्रति हजार हो गई। साथ ही, अंडर-5 मृत्युदर भी 20 वर्षों के दौरान काफी कम हो गई।

अधिकांश अन्य एशियाई देशों की तरह चीन में प्रजनन संक्रमण के कई चालक थे। वर्ष 1964 में शहरी प्रजनन क्षमता में गिरावट के कारण, प्रजनन संक्रमण तीन दशकों के भीतर हुआ।

जन्म नीति के समायोजन के कारण वर्ष 2016 और वर्ष 2017 में मामूली वृद्धि के अपवाद के साथ, 21वीं सदी में कुल प्रजनन दर 1.6 या उससे कम रह गई है, जिसने दूसरे बच्चे के जन्म की संभावित संभावना को जारी किया है।

यहां गौर करने वाली बात है कि प्रसव उम्र में महिलाओं की संख्या में गिरावट और इस समूह की उम्र बढ़ने के साथ-साथ लगातार कम प्रजनन दर के कारण 2019 में पैदा हुए बच्चों की संख्या 1.46 करोड़ रही, जो कि लगभग 50 वर्षों में सबसे कम है, और 2020 में गिरावट जारी रही।

बेशक, गिरती प्रजनन दर ने जनसंख्या की आयु संरचना परिवर्तन को गति दी है। जन्मों की संख्या में गिरावट के कारण, 1998 से चीन में 0-14 जनसंख्या का आकार घटता रहा है, और कुल जनसंख्या में इसकी हिस्सेदारी धीरे-धीरे कम हुई है।

सन् 1960 के दशक के उत्तरार्ध में चीन की जनसंख्या में प्राकृतिक वृद्धि की दर लगभग 2.7 प्रतिशत थी, और यह 1998 में एक प्रतिशत से नीचे चली गई। साल 2000 से 2010 तक प्राकृतिक वृद्धि की औसत वार्षिक दर 0.57 प्रतिशत थी, और यह घटकर 0.53 प्रतिशत रह गई।

चीन की जनसंख्या शून्य वृद्धि के करीब है और पिछले कुछ अनुमानों की तुलना में कुछ समय पहले ही घट जाने की उम्मीद है। चीन के कुछ प्रांतों ने 21वीं सदी के पहले दशक में युवा लोगों के बाहर प्रवास के कारण पहले से ही नकारात्मक जनसंख्या वृद्धि का अनुभव किया है, जबकि उत्तरी चीन के तीन प्रांतों (ल्याओनिंग, हेइलोंगच्यांग, और चिलिन) में 2011 के बाद से कम प्रजनन क्षमता और उम्र बढ़ने के कारण प्राकृतिक वृद्धि की नकारात्मक दर रही।

हालांकि, चीन ने 14वीं पंचवर्षीय योजना (2021-25) तैयार की है, जो बच्चों की देखभाल, बच्चे पैदा करने और बच्चों की शिक्षा के बोझ को कम करने, बच्चे की देखभाल के लिए नीति प्रणाली में सुधार करने सहित जनसंख्या की बढ़ती उम्र के लिए सक्रिय प्रतिक्रिया की एक राष्ट्रीय रणनीति को लागू करने का प्रस्ताव करती है।

चीन में जनसांख्यिकीय परिवर्तन के दौरान सामाजिक-आर्थिक विकास और सार्वजनिक नीतियों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। अब नए युग में, सार्वजनिक नीतियों, विशेष रूप से परिवार के अनुकूल नीतियों की भी महत्वपूर्ण भूमिका होगी।

(लेखक : अखिल पाराशर, चाइना मीडिया ग्रुप में पत्रकार हैं)

–आईएएनएस

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