14वीं पंचवर्षीय योजना के दौरान चीनी आबादी की वृद्धि दर शायद शून्य होगी

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चीनी जनसंख्या संघ के अध्यक्ष चाइ चनवु ने सीएमजी संवाददाता के साथ हुई एक खास बातचीत में बताया कि 14वीं पंचवर्षीय योजना के दौरान चीन की आबादी की वृद्धि दर शायद शून्य होगी। उन्होंने कहा, हमें प्रजनन गारंटी व्यवस्था में सुधार कर लोगों में बच्चे पैदा करने की इच्छा में बढ़ोतरी करने की जरूरत है।

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सातवीं राष्ट्रीय जनगणना के अनुसार, चीन की आबादी 1 अरब 41 करोड़ 1 लाख 78 हजार है, जो वर्ष 2010 में हुई जनगणना की तुलना में 7 करोड़ 20 लाख 60 हजार से अधिक रही और 5.38 प्रतिशत बढ़ी। दस साल में सालाना वृद्धि दर 0.53 प्रतिशत रही है। वर्ष 2020 में चीन में प्रजनन आयु के वर्ग की महिलाओं में जन्म देने की दर 1.3 थी ,जो निचले स्तर पर रही।

चीनी जनसंख्या संघ के अध्यक्ष चाई चेनवु के विचार में प्रजनन स्तर का नीचे स्तर पर रहना अनुमान के अनुकूल है। भविष्य में चीन शायद आबादी की शून्य वृद्धि के दौर में प्रवेश करेगा। उन्होंने बताया, चीन की आबादी बहुत विशाल है। चीन संसाधन और पर्यावरण के बड़े दबाव का सामना कर रहा है। चोटी पर पहुंचने के बाद चीन की आबादी का धीरे-धीरे घटने की हम प्रतीक्षा में हैं, लेकिन वर्तमान में जन्मदर नीची है, जिस पर ध्यान देने की भी आवश्यकता है।

चाई चेनवु ने बताया कि प्रजनन दर की गिरावट चीन के आधुनिक विकास का अनिवार्य परिणाम है। पूरे विश्व में औद्योगिक और आधुनिक देश प्रजनन दर की गिरावट के खतरे का सामना कर रहे हैं। कुछ लोगों का विचार है कि हमें परिवार नियोजन की नीति बदलकर ऐसी स्थिति का सामना करना चाहिए। इसके प्रति चाई चेनवु ने कहा कि ऐसे कदम का प्रभाव बहुत कम होगा।

उन्होंने बताया, इधर के कुछ सालों में हमने दो बच्चे की नीति लागू की, लेकिन इसका प्रभाव समाप्त होने के बाद नवजात बच्चों की संख्या में फिर गिरावट आ रही है। आबादी शास्त्र और हमारे विश्लेषण से देखा जाए तो परिवार नीति बदलने का प्रभाव इतना ज्यादा नहीं है। वर्तमान में नीची प्रजनन दर का मुख्य कारण परिवार नीति नहीं है, बल्कि आर्थिक व सामाजिक कारकों से है, जैसे शैक्षिक स्तर की उन्नति, औद्योगीकरण और शहरीकरण के स्तर की उन्नति और सामाजिक प्रतिभूति तंत्र का सुधार इत्यादि।

चाई चेनवु ने बताया कि परिवार नीति बदलने के बजाय प्रजनन गारंटी व्यवस्था संपूर्ण बनाना अधिक महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि कम आय और काम तथा परिवार के बीच ताल-मेल बिठाने की मुश्किल के चलते कई महिलाएं बच्चे नहीं चाहती। उनके विचार में शिशुओं की देखभाल व्यवस्था का सुधार प्रजनन दर उन्नत करने के लिए लाभदायक होगा।

उन्होंने कहा, हमने पाया है कि चीन में 0 से 3 वर्ष के शिशुओं की देखभाल व्यवस्था मौजूद नहीं है। शहरों में आमतौर पर दादा-दादी या नाना-नानी बच्चों की देखभाल करते हैं। मुझे लगता है कि बड़ी संख्या में जल्दी से शिशुओं की देखभाल के लिए सामाजिक सेवा व्यवस्था स्थापित करना सार्थक कदम होगा। इस व्यवस्था की स्थापना से महिलाओं की जन्म देने की इच्छा उन्नत होगी।

(साभार : चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)

–आईएएनएस

एसजीके/एएनएम

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