TOP NEWS : पशुपालकों को ज्यादा से ज्यादा केसीसी जारी करने पर होगा जोर : अतुल चतुर्वेदी

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नई दिल्ली, 4 फरवरी (आईएएनएस)। केंद्रीय मत्स्यपालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय में सचिव अतुल चतुर्वेदी ने गुरुवार को कहा कि किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) लाभ ज्यादा से ज्यादा पशुपालकों व डेयरी से जुड़े किसानों और मछुआरों को दिलाने पर जोर दिया जाएगा। केसीसी पहले कृषि से जुड़े किसानों को जारी किया जाता था, लेकिन अब इसमें डेयरी और मत्स्यपालन से जुड़े किसानों को भी शमिल कर लिया गया है।

वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने आगामी वित्तवर्ष 2021-22 के केंद्रीय बजट में एग्रीकल्चर क्रेडिट का लक्ष्य 15 लाख करोड़ रुपये से बढ़ाकर 16.5 लाख करोड़ रुपये करने की घोषणा की है। चतुर्वेदी ने कहा कि मछुआरों और मछलीपालन से जुड़े किसानों के लिए फिशरीज एंड एक्वाकल्चर इन्फ्राफंड (एफआईडीएफ) के तहत कर्ज का प्रवाह में वृद्धि होगी और केसीसी की सुविधा मत्स्यपालन और पशुपालन से जुड़े किसानों के लिए उपलब्ध होने से इस सेक्टर के विकास को बढ़ावा मिलेगा।

अतुल चतुर्वेदी आम बजट में विभाग के लिए किए गए प्रावधानों के सिलसिले में यहां संवाददाताओं से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि आरंभ में इस क्षेत्र के किसानों को केसीसी जारी करने में बैंकों में हिचकिचाहट थी लेकिन अब इस हिचकिचाहट को दूर करने की कोशिश की जा रही है।

चतुर्वेदी ने बताया कि 2018 में डेयरी व मत्स्यपालन के क्षेत्र में केसीसी जारी करने की शुरुआत हुई और तब से अब तक सहकारी संगठनों से जुड़े डेयरी के किसानों को छह लाख केसीसी जारी किए गए हैं। उन्होंने कहा कि डेयरी से जुड़े किसानों को तभी केसीसी जारी किया जाता है, जब संबद्ध सहकारी संगठन इस बात की पुष्टि करता है कि वे किसान उस सहकारी संगठन को दूध की आपूर्ति करता है।

चतुर्वेदी ने बताया कि देश में करीब एक करोड़ डेयरी से जुड़े किसान सहकारी संगठनों से संबद्ध हैं और इनमें से 52 लाख से अधिक किसानों ने बैंकों के पास फार्म जमा करवाया है, जबकि छह लाख डेयरी से जुड़े किसानों को केसीसी जारी किए गए हैं।

–आईएएनएस

पीएमजे/एसजीके


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