TOP NEWS : मप्र : कृषि मंत्री की कृषि कानूनों के समर्थन में पैरवी, करेंगे उपवास

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भोपाल, 3 फरवरी (आईएएनएस)। केद्र सरकार के तीन कृषि कानूनों के विरोध में देश के कई हिस्सों में किसान आंदोलन चल रहा है, दिल्ली के करीब उनका डेरा है। वहीं दूसरी ओर मध्य प्रदेष के कृषि मंत्री कमल पटेल इन कानूनों के समर्थन में मुहिम चलाए हुए हैं और अब वे कानून का विरोध करने वाले किसानों की सद्बुद्धि के लिए उपवास करने वाले हैं। किसान नेताओं ने इस उपवास पर तंज सकते हुए कहा कि सत्य के खिलाफ बोलने वालों का क्या हश्र हुआ इससे सीख लें पटेल तो अच्छा होगा।

केंद्र सरकार के तीन कृषि कानूनों के विरोध में बीते दो माह से ज्यादा समय से किसान आंदोलनरत हैं। किसानों की मांग है कि तीनों कानूनों को रद्द कर न्यूनतम समर्थन मूल्य को कानूनी स्वरुप दिया जाए। देश के विभिन्न हिस्सों के साथ दिल्ली में यह आंदोलन व्यापक स्तर पर चल रहा है, मगर मध्य प्रदेश में हल्के-फुल्के आंदोलन चल रहे हैं। वहीं दूसरी ओर शिवराज सरकार के कृषि मंत्री पटेल कृषि कानूनों के समर्थन में आंदोलन चलाए हुए हैं।

पटेल ने कृषि कानूनों को किसान हित में बताते हुए किसान संगठनों और आंदोलन का समर्थन करने वाले राजनीतिक दलों की सद्बुद्धि के लिए चार फरवरी को हरदा में नर्मदा नदी के नाभि स्थल पर उपवास रखने का ऐलान किया है।

पटेल ने कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन कर रहे किसान संगठनों और इस आंदोलन को हवा दे रहे राजनीतिक संगठनों से आंदोलन वापस लेने की अपील की है और ऐलान किया है कि आंदोलन कर रहे किसान संगठनों के नेताओं की सद्बुद्धि के लिए वह 4 फरवरी को हरदा में मां नर्मदा के नाभि स्थल पर एक दिन का उपवास रखकर प्रार्थना करेंगे।

कृषि मंत्री कमल पटेल ने कहा कि आजादी के बाद पहली बार गांव में संपत्ति का स्वामित्व दिया गया है, कृषि कानून बनाकर किसानों को उद्योग, व्यापार के क्षेत्र में बराबरी पर लाने का प्रयास किया गया है, इसमें व्यवधान डालने से बाज आना चाहिए, देश तरक्की की राह पर है इसे चलने देना चाहिए।

पटेल इससे पहले किसान कानूनों की खूबियां बताने के लिए गांव-गांव में चौपाल लगा चुके हैं। इतना ही नहीं वे लगातार किसानों को कानून की खूबियां बता रहे हैं। वहीं विरोध करने वालों से खुली बहस को तैयार हैं। उनका कहना है कि कानूनों मंे कोई कमी लगती है तो केंद्र सरकार इसमें संशोधन को भी तैयार है।

कृषि मंत्री पटेल के उपवास को लेकर किसान नेता केदार शंकर सिरोही ने कहा, सत्य के खिलाफ, मंदसौर किसान आंदोलन को दबाने के लिए मुख्यमंत्री शिवराज ने उपवास किया। नतीजा-भाजपा हार गई।

सत्य के खिलाफ इमरती देवी ने ग्वालियर में उपवास किया। नतीजा- इमरती हार गई। अब सत्य के खिलाफ, देश के किसान आंदोलन को दबाने के लिए जाट नेता कृषि मंत्री कमल पटेल मां नर्मदा की गोद मे उपवास करने वाले हैं, नतीजा क्या होगा? मां नर्मदा जाने।

–आईएएनएस

एसएनपी-एसकेपी


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