यूपी में श्रम कानून बदलने के बाद जानिए मजदूरों को कितनी मिलेगी प्रतिमाह सैलेरी

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लाइव हिंदी खबर(राज्य)  :-  आप सभी यह बात जानते होंगे कि भारत में कुछ महीनों से लॉक डाउन घोषित होने के बाद 12 मई को रात 8:00 बजे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्र को संबोधित किया जिसमें उन्होंने कई मुद्दों पर बात की उनमें से ही एक मुद्दा था 20 लाख करोड़ रुपए के आर्थिक पैकेज का, इसके अलावा उन्होंने यह भी कहा कि लॉक डाउन का चौथा चरण 17 मई के बाद से लागू हो जाएगा

वही दूसरी तरफ कुछ हफ्तों पहले उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ ने श्रम कानूनों (Labour Law) में बदलाव किए हैं. इसके पीछे तर्क दिया जा रहा है कि प्रदेश में निवेश को बढ़ावा मिलेगा और लोगों को रोजगार दिया जा सकेगा. दरअसल 25 मार्च से शुरू हुए लॉकडाउन की वजह से  उद्योग-धंधों पर बुरा असर पड़ा है. बाजार में मांग कम होने से उत्पादन कम हो रहा है और फैक्टरियों से मजदूर, कामगार की या तो नौकरी जा रही है या फिर उनकी सैलरी में कटौती हो रही है. सबसे ज्यादा प्रभावित असंगठित क्षेत्र के मजदूर हुए हैं. रियल सेक्टर में काम बंद होने से कई बड़े प्रोजेक्ट बंद पड़े हैं और मजदूरों के पास काम नहीं है. कंपनियों और फैक्टरियों को घाटा हो रहा है. उद्योग धंधों को इससे उबारने के लिए उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने अगले तीन सालों तक श्रम कानूनों (Labour Laws) में छूट देने का फैसला किया है. जिसका विरोध विपक्ष के साथ-साथ आरएसएस से जुड़े भारतीय मजदूर संघ ने किया है.

इसके अलावा यूपी की सरकार के जारी आदेश के मुताबिक कोई कर्मचारी किसी भी कारखाने में प्रति दिन 12 घंटे और सप्ताह में 72 घंटे से ज्यादा काम नहीं करेगा. पहले यह अवधि दिन में 8 घंटे और सप्ताह में 48 घंटे थी. और अब 12 घंटे की शिफ्ट के दौरान 6 घंटे के बाद 30 मिनट का ब्रेक दिया जाएगा और 12 घंटे की शिफ्ट करने वाले कर्मचारी को आठ घंटे की 80 रुपये है तो उसे 12 घंटे के 120 रुपये दिए जाएंगे