पूजा अग्रवाल ने वल्र्ड शूटिंग पैरा स्पोर्ट्स कप में दो सिल्वर मेडल जीते

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चेन्नई, 24 जून (आईएएनएस)। पेरू के लीमा में आयोजित विश्व शूटिंग पैरा स्पोर्ट्स कप में शार्प पैरा शूटर पूजा अग्रवाल की जीत पर इंडियन बैंक उनकी प्रेरक उपलब्धि एवं अदम्य उत्साह का जश्न मना रहा है। पूजा ने अपनी विजय की लंबी सूची में दो रजत जोड़े।

इंडियन बैंक में प्रबंधक के रूप में काम करते हुए पूजा का अंतर्राष्ट्रीय पैरा पिस्टल शूटिंग के लिए स्पोट्र्ज क्राफ्ट (दिल्ली) में कोच सुभाष राणा के साथ पूर्णत्व शूटिंग एकेडमी के अंतर्गत घर से 40 किलोमीटर दूर डॉ. कर्णी सिंह शूटिंग रेंज में प्रशिक्षण जारी है और वे विश्व स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व कर रही हैं।

35 वर्षीय पूजा ने वर्ष 2014 में बैंक में नियुक्ति के बाद वर्ष 2016 में निशानेबाजी शुरू की। वर्ष 2012 में उनके साथ एक दुखद दुर्घटना घटी जिसमें उन्हें अपने पैर गंवाने पड़े। तब से वह सभी बाधाओं पर विजय प्राप्त करते हुए एक दिव्यांग शार्प शूटर के रूप में प्रेरणादायक यात्रा पर अग्रसर हैं।

अपने दिन-प्रतिदिन के कार्यों से जूझने से लेकर सशक्त एवं स्वतंत्र महिला बनने तक पूजा की यात्रा बाधाओं से लड़ने और खुद के लिए, अपने बैंक के लिए और अपने देश के लिए पहचान बनाने के लिए ²ढ़ संकल्प और इच्छाशक्ति का प्रदर्शन करती हैं।

इस महामारी में अन्य दिव्यांगजनों को शिक्षित करने और प्रोत्साहित करने के लिए उसने अपना यूट्यूब चैनल पूजा अग्रवाल पी क्रिएशन लॉन्च किया ताकि वे चुनौतियों का सामना कर सकें और अपनी दैनिक गतिविधियों को बाधित किए बिना स्मार्ट तरीके से कार्य कर स्वतंत्र जीवन की ओर अग्रसर हो सकें।

पूजा अग्रवाल का स्पोटिर्ंग पैशन 10 मीटर एयर पिस्टल (एसएचआईए) निशानेबाजी है और वह पैरा निशानेबाजी में दुनिया में 12वें और एशिया में 11वें स्थान पर हैं। पूजा ने अपना पहला अंतरराष्ट्रीय पदक वर्ष 2017 में यूएई के अल ऐन में आयोजित वल्र्ड शूटिंग पैरा स्पोर्ट वल्र्ड कप में 10 मीटर एयर पिस्टल इवेंट के लिए जीता। उसी वर्ष उन्होंने 61वीं राष्ट्रीय निशानेबाजी चैम्पियनशिप (2017) में 10 मीटर एयर पिस्टल स्पर्धा में रजत पदक भी जीता। बाद में उन्होंने वल्र्ड शूटिंग पैरा स्पोर्ट वल्र्ड कप (2018) में 10 मीटर एयर पिस्टल स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता।

इंडियन बैंक की प्रबंधक एवं पैरा शूटर पूजा अग्रवाल ने कहा, मैं वल्र्ड शूटिंग पैरा स्पोर्ट्स कप में दो रजत पदक जीतकर रोमांचित हूं। हालांकि मेरे साथ दुर्व्यव्हार हुआ, लेकिन मैंने स्वयं को अनुकूल बनाया, बाधाओं से लड़ी और स्वतंत्र रूप से जीवन जीना सीखा। महामारी के दौरान, मैंने अपने यूट्यूब वीडियो के माध्यम से सामान्य जीवन जीने हेतु अन्य दिव्यांगजनों का समर्थन करने और उन्हें शिक्षित करने का बीड़ा उठाया।

पूजा ने आगे कहा, मेरे सपनों को पंख देने और मेरे उद्देश्य को आगे बढ़ाने के लिए मैं इंडियन बैंक की भी आभारी हूं। मुझे पूर्ण विश्वास है कि यदि आप अपने सपनों को साकार करने की दिशा में ²ढ़ता पूर्वक कार्य करते हैं, तो आप आकाश को छू सकते हैं। मैं भारत के लिए पैराओलंपिक 2021 में स्वर्ण पदक जीतने की इच्छा रखती हूं और अपने इंडियन बैंक को गौरवान्वित करना चाहती हूं। मैं चाहती हूं कि दिव्यांगजन सक्षम एवं सशक्त बनें।

इंडियन बैंक की अध्यक्ष एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी पद्मजा चुन्डूरू ने कहा, हमें पूजा के अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिता में देश का प्रतिनिधित्व करने और अपने अनुकरणीय प्रदर्शन के जरिए प्रशस्ति प्राप्त करने पर बेहद गर्व है। इस तरह की सफलता की कहानियों को बार-बार सुनाया जाना चाहिए और इस प्रकार की उपलब्धि हासिल करने वाले युवाओं के प्रयासों की सराहना की जानी चाहिए। इंडियन बैंक में हम प्रतिभा को प्रोत्साहित करने और अपने सभी मूल्यवान कर्मचारियों के लिए एक समावेशी वातावरण बनाने में विश्वास करते हैं। इंडियन बैंक आगे भी अपने कर्मचारियों के बीच उत्कृष्टता को प्रोत्साहित करने और उन्हें अपने व्यक्तिगत लक्ष्यों को प्राप्त करने और समग्र विकास करने के लिए प्रेरित करने का प्रयास करता रहेगा।

–आईएएनएस

जेएनएस