नीतीश ने सीडी रेश्यो पर जताई नराजगी, कहा-हर ग्राम पंचायत में हो बैंक शाखा

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पटना, 22 जून (आईएएनएस)। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार राज्य के क्रेडिट डिपॉजिट रेश्यो (सीडी रेश्यो) पर नाराजगी जताते हुए कहा कि वर्ष 2020-21 में राज्य का सीडी रेश्यो 46.40 प्रतिशत रहा है, जबकि देश का 76.50 प्रतिशत रहा। उन्होंने कहा कि इसे बढ़ाने की जरूरत है।

मुख्यमंत्री मंगलवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए राज्यस्तरीय बैंकर्स समिति की 76वीं बैठक में कहा कि बिहार के लोगों का पैसा यहां के बैंकों में जमा होता है, जबकि पैसा विकसित राज्यों में चला जाता है।

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यहां के लोगों का बैंकों पर पूरा भरोसा है, जिस कारण वे अपना पैसा बैंकों में रखते हैं। कुछ राज्य ऐसे हैं जिसका सीडी रेश्यो 100 प्रतिशत से ऊपर है। बिहार के कई जिलों में लक्ष्य से काफी कम सीडी रेश्यो है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2020-21 में एनुअल क्रेडिट प्लान (एससीपी) का लक्ष्य 1 लाख 54 हजार 500 करोड रखा गया था, जिसका 87.86 प्रतिशत यानी एक लाख 27 हजार 161 करोड़ रुपये खर्च किया गया।

नीतीश ने कहा कि अगले वर्ष के लिए एसीपी का लक्ष्य एक लाख 61 हजार 500 करोड़ रुपये निर्धरित किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में 10 लाख से अधिक स्वयं सहायता समूह का गठन किया गया है और इससे एक करोड 27 लाख परिवार जुड़ चुके हैं। जीविका समूहों की बैठकों द्वारा मदद कराने की जरूरत है।

उन्होंने कहा, 5000 की आबादी पर बैंकों की शाखा खोलने की योजना पूरी नहीं हो पा रही है। मैं प्रारंभ से कहता आ रहा हूं कि प्रत्येक ग्राम पंचायतों में बैंकों की एक षाखा खोली जाए। हमारे यहां औसत ग्राम पंचायत की आबादी 11 हजार है, जबकि यहां 16 हजार की आबादी पर बैंकों की शाखा है।

मुख्यमंत्री ने बैठक में नाराजगी जताते हुए कहा, इस तरह की बैठक का जो आयोजन किया जाता है, उसमें सिर्फ बातचीत ही न हो, बल्कि जो लक्ष्य निर्धरित किए जा रहे हैं, उस पर अमल भी हो।

इस बैठक को उपमुख्यमंत्री तारकिशोर प्रसाद, एसबीआई के मुख्य महाप्रबंधक सुरेंद्र कुमार राणा, भारतीय रिजर्व बैंक के महाप्रबंधक एवं प्रभारी बृजराज, नाबार्ड के मुख्य महाप्रबंधक सुनील कुमार ने भी संबोधित किया।

–आईएएनएस

एमएनपी/एसजीके

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