ब्रिटेन के पूर्व सलाहकार ने तीसरी कोविड लहर की चेतावनी दी

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लंदन, 8 जून (आईएएनएस)। ब्रिटेन सरकार के एक पूर्व मुख्य वैज्ञानिक सलाहकार ने चेतावनी दी है कि कोविड-19 के मौजूदा आंकड़े एक और लहर आने का पक्का सबूत हैं।

साल 2000 से 2007 तक ब्रिटिश सरकार के मुख्य वैज्ञानिक सलाहकार रहे डेविड किंग ने सोमवार को स्काई न्यूज को बताया, अब हम चर्चा कर रहे हैं कि हम एक गंभीर तीसरी लहर में जा रहे हैं या नहीं? मुझे नहीं लगता कि इसमें अब कोई संदेह होना चाहिए। कोरोना की एक और लहर के आने के पुख्ता प्रमाण हैं।

यूके में पिछले 24 घंटों में कोरोना के नए 5,341 मामले सामने आए, जिससे देश में संक्रमणों की कुल संख्या 4,538,399 हो गई, जबकि मरने वालों की संख्या 128,841 है।

सिन्हुआ समाचार एजेंसी के नवीनतम आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, 40.3 मिलियन से ज्यादा लोगों, या यूके में तीन-चौथाई से ज्यादा वयस्कों को कोरोनोवायरस वैक्सीन की पहली खुराक दी गई है, जबकि 27.6 मिलियन से ज्यादा लोगों को दूसरी खुराक के साथ पूरी तरह से टीका लगाया गया है।

सरकार के वैज्ञानिक सलाहकार समूह फॉर इमर्जेंसीज (एसएजीई) के अध्यक्ष किंग ने कहा, हम जानते हैं कि दो बार टीका लगाया गया कोई भी व्यक्ति वायरस के खिलाफ अपेक्षाकृत ज्यादा सुरक्षित है।

लेकिन यह नहीं भूलना चाहिए कि 25 नए मामलों में से ऐसे लोग भी हैं जिन्हें दो बार टीका लगाया गया है – इसका मतलब है कि एक दिन में 400 नए मामले ऐसे लोगों के हैं जिनको दो बार टीका लगाया गया था।

किंग ने सरकार से 21 जून से इंग्लैंड में प्रस्तावित लॉकडाउन में छूट देने के फैसले को कुछ और समय तक टालने का भी आह्वान किया।

उन्होंने कहा, मैं यह कहने में बहुत अनिच्छुक हूं कि हमें 21 जून को लॉकडाउन से बाहर नहीं जाना चाहिए, लेकिन मुझे लगता है कि आंकड़े अभी आ रहे हैं । सरकार के लिए यह बुद्धिमानी होगी कि वह तुरंत खोलने में देरी की घोषणा करे, जिससे हम क्या सभी 21 जून के बाद की अवधि के लिए योजना बना सकते हैं।

यह पूछे जाने पर कि कब तक, उन्होंने जवाब दिया: मैं कुछ हफ्तों की देरी करूंगा और देखूंगा कि आंकड़े कैसे सामने आ रहे हैं।

बी.1.6172 या डेल्टा संस्करण के प्रसार पर चिंताओं के कारण 21 जून को इंग्लैंड में अनलॉक प्रतिबंधों के अंतिम चरण में देरी करने के लिए सरकार पर बढ़ते दबाव का सामना करना पड़ रहा है।

सरकार के रोडमैप में 21 जून को सामाजिक संपर्क की सभी कानूनी सीमाओं को हटाए जाने की उम्मीद है।

–आईएएनएस

एसएस/आरजेएस