आरएसएस कार्यकर्ता की हत्या के मामले में 8 हिरासत में

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तिरुवनंतपुरम, 25 फरवरी (आईएएनएस)। सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया (एसडीपीआई) के 8 कार्यकर्ताओं को केरल के अलप्पुझा में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के कार्यकर्ता की हत्या के मामले में हिरासत में लिया गया है। पुलिस ने गुरुवार को यह जानकारी दी।

अलप्पुझा के पास वायलार में आरएसएस कार्यकर्ता 22 वर्षीय नंदू कृष्णा और एसडीपीआई के कार्यकर्ताओं के बीच बुधवार देर रात झड़प में नंदू की हत्या कर दी गई। पुलिस ने मामले में तुरंत कार्रवाई करते हुए एसडीपीआई के आठ कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया और उनसे तलवारें भी बरामद कीं।

अलप्पुझा जिले में भाजपा और आरएसएस ने हत्या के खिलाफ एक दिन का बंद रखा है।

पुलिस के अनुसार, झगड़े की शुरुआत मंगलवार को तब हुई, जब एसडीपीआई कार्यकर्ताओं द्वारा इलाके में चंदा संग्रह अभियान किए जाने पर आरएसएस कार्यकर्ता ने आपत्ति जताई।

बुधवार दोपहर, इलाके में एक एसडीपीआई यात्रा के दौरान किए गए एक भाषण में आरएसएस कार्यकर्ताओं द्वारा आपत्ति जताई गई और जल्द ही झगड़ा बढ़ गया।

बाद में शाम को दोनों दलों ने रैलियां निकालीं और रात 8 बजे के बाद हालात काबू से बाहर हो गए जब प्रतिद्वंद्वी गुट आपस में भिड़ गए। नंदू की हत्या कर दी गई, उसका दाहिना हाथ शरीर से अलग कर दिया गया और उसके सिर के पिछले हिस्से में भी चोट थी।

उसे एर्नाकुलम के एक अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उसने दम तोड़ दिया। झड़प के दौरान दोनों गुटों के तीन कार्यकर्ता भी घायल हो गए।

एसडीपीआई पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) का राजनीतिक संगठन है।

राज्य भाजपा अध्यक्ष के. सुरेंद्रन ने कहा, केरल इस्लामिक आतंकवादियों के लिए स्वर्ग बनता जा रहा है।

सुरेंदन्र ने कहा, पुलिस वास्तव में अपराधियों की मदद कर रही है। लंबे समय से हम पीएफआई पर प्रतिबंध लगाने की मांग कर रहे हैं।

अलप्पुझा जिला हाई अलर्ट पर है और जिस जगह पर यह घटना घटी वहां और आसपास अच्छी-खासी संख्या में पुलिस तैनात की गई है।

–आईएएनएस

वीएवी-एसकेपी

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